शीर्षक - हम सफ़र..... हम तुम
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जिंदगी में हम सफ़र हम तुम हैं।
एक-दूसरे के साथ साथ रहते हैं।
मन भाव और जिस्म मिलते हैं।
रंगमंच पर हम तुम चलते हैं।
सात फेरे हम तुम जो लेते हैं।
जल अग्नि वायु आकाश धरा हैं।
कुदरत और सितारे संग होते हैं।
समय और हालात रंग बदलते हैं।
हम सफर हम तुम संग साथ हैं।
भाग्य और कर्म का सहयोग है।
हां हम सफ़र हम तुम संग हैं।
सच तो हम तुम संग रहते हैं।
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