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शीर्षक - एक सच..

                
                                                         
                            शीर्षक - एक सच.....
                                                                 
                            
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एक सच न फैसले हमारे होते हैं।
सोच और समझ बस रहती हैं।

जन्म न मृत्यु का समय होता हैं।
अंदाज और विचार हम कहते हैं।

ईश्वर और कुदरत के फैसले हैं।
हर पल लम्हों के नियम रहते हैं।

एक सच हमारा कुछ न होता है।
न लाएं न ले जा कुछ सकते हैं।

औलाद के लिए हम सोचते हैं।
न बचपन की सोच सोचते हैं।

एक सच समय कुदरत होते हैं।
शब्द, कविता, नीरज लिखते हैं।

धर्म-कर्म और मन विचार होते हैं।
हां एक सच हमारे कर्म रहते हैं।
 
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9 घंटे पहले

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