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हिंद का आंगन

                
                                                         
                            हमारे आँगन से सटा एक छोटा-सा आँगन है,
                                                                 
                            
हिमशिखरों की गोद में बसा, प्रकृति का अभिनंदन है।
देवभूमि की पावन माटी, श्रद्धा जिसका मान है,
गंगा-यमुना की जननी यह, भारत की पहचान है।
जिम कॉर्बेट की हरियाली, वन्य जीवन की शान है,
आस्था और प्रकृति मिलकर, रचते इसका गान है।

राजाओं की गौरव-गाथा जिसका अमिट इतिहास है,
भव्य महल, वीरों की धरती, संस्कृति का विश्वास है।
थार का स्वर्णिम रेगिस्तान जिसकी अनुपम पहचान है,
रंग-बिरंगे पर्वों से सजा इसका हर एक जहान है।
अतिथि-सेवा जिसकी परंपरा, सम्मान जिसकी रीति है,
अजमेर शरीफ़ की दरगाह विश्व-श्रद्धा की प्रीति है।

उत्तर दिशा में फैला देखो बर्फ़ीला विस्तार है,
हिमालय की ऊँची चोटियों का अनुपम उपहार है।
कहीं देवभूमि की पावन महिमा, कहीं फलों का कटोरा है,
पर्यटकों से सजा हुआ यह हिम का सुंदर झरोखा है।
प्रकृति यहाँ हर पल रचती है अनुपम मधुर कहानी,
सौंदर्य जिसकी देख मोहित होती जग की हर निशानी।

धरती का स्वर्ग कहा जाता जिसका अनुपम धाम है,
हर यात्री की आँखों में बस इसका ही नाम है।
केसर की खुशबू महकाती इसके सुंदर आँगन को,
कालीज तीतर की चहचहाहट सजाती हर उपवन को।
डल झील में तैरते शिकारे मन को हर लेते हैं,
मुग़ल बाग़ों के अनुपम दृश्य सौंदर्य नया देते हैं।

हिमालय की गोद में बसा यह अद्भुत प्रदेश महान,
बौद्ध संस्कृति की छाया से बढ़ती इसकी शान।
शीत मरुस्थल, ऊँचे दर्रे इसकी अनुपम पहचान,
खारदुंग ला की ऊँचाइयों का गूँजता है मान।
वीरों के बलिदानों से यह धरती गौरवमयी बनी,
राष्ट्र-रक्षा की अमर गाथा इसकी पहचान बनी।

यह भूमि पूर्ण जैविकता का अनुपम उपहार है,
स्वच्छता और प्राकृतिक छटा का अनुपम संसार है।
कंचनजंगा की गौरव-गाथा नभ तक जाती है,
नाथुला और युमथांग घाटी मन को हरषाती है।
त्सोमगो और गुरुडोंगमार झीलें ऊँचाई की शान हैं,
तीस्ता की लहरें राफ्टिंग प्रेमियों की पहचान हैं।

रॉयल बंगाल टाइगर की यह गौरवशाली भूमि है,
सुंदरबन के मैंग्रोव वनों की अनुपम महिमा है।
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की संस्कृति, शांतिनिकेतन का मान,
बंगाली साहित्य से जग में बढ़ता इसका सम्मान।
रसगुल्ला, संदेश, झींगा करी स्वाद की पहचान हैं,
हावड़ा ब्रिज इसकी प्रगति और जीवन की शान है।

प्राचीन ग्रंथों में गौड़-देश जिसका गौरवगान हुआ,
भारत की सांस्कृतिक राजधानी का भी सम्मान मिला।
प्राचीन काल में कलिंग जिसकी प्रथम पहचान रही,
सम्राट अशोक की करुणा से जिसकी नई उड़ान रही।
मंदिरों की भव्य विरासत, संस्कृति जिसकी शान है,
प्राकृतिक सौंदर्य से सजा यह भारत का सम्मान है।
कोयला, बॉक्साइट, लौह अयस्क जिनकी अमूल्य खान हैं,
चिलिका झील एशिया की सबसे बड़ी खारी लैगून की शान है।


ऐसे सजे हैं भारत माता के अनुपम ये सब आँगन,
हर प्रदेश है अनमोल धरोहर, हर कोना है पावन।
भाषाएँ, वेश, परंपराएँ भले अलग-अलग हों यहाँ,
एकता की डोर में बँधा है अपना प्यारा हिंदुस्तान।
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3 महीने पहले

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