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आया है आसमान के जहाँ से तारों का एक संदेश

                
                                                         
                            आया है आसमान के जहाँ से तारों का एक संदेश,
                                                                 
                            
ओढ़कर टिमटिमाती चादर, बदलकर कई वेश।
लिखकर संदेश में कई शिकायतें आई हैं,
भूल गए क्या उन रातों को, जो सितारे लाई हैं।

छुप गए हैं आँगन उन ऊँची-ऊँची दीवारों में,
छतों का कुछ पता नहीं, रह गए हैं बस अवशेष।
आया है आसमान के जहाँ से तारों का एक संदेश।

बच्चे जो आसमान में तारे गिनने आते थे,
सितारों की टिमटिमाहट में यूँ ही बह जाते थे।
चाँद की चाँदनी उनके चेहरों को चमकाती थी,
कहाँ वैसी नींद कहीं और आती थी।
वो बच्चे अब बड़े हो गए हैं,
बदल गए हैं उनके परिवेश।
आया है आसमान के जहाँ से तारों का एक संदेश।

बिजली की चाह में कहाँ हम उनको भाए हैं,
मोबाइल है उनके हाथ में, जिसने सब शौक छुड़ाए हैं।
पेड़ों की जगह अब ए.सी. ने ले ली,
बदल गया है पुराना देश।
आया है आसमान के जहाँ से तारों का एक संदेश।
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3 महीने पहले

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