आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

पेड़ लगाओ जीवन पाओ

                
                                                         
                            नन्हा पौधा बोला मुस्काकर ,
                                                                 
                            
मुझको रोपो प्यार से आकर।
मैं बन जाऊँगा  वृक्ष बड़ा,
मुस्काओगे छाया पाकर।

धूप में शीतल छाया दूँगा,
मीठे फल खिलाया करूँगा,
गीत गाएंगे पंछी आकर,
बच्चों को झूले झुलाया करुँगा।

हरियाली का मैं हूँ साथी
धरती माँ की सच्ची थाती।
आओ मिलकर शपथ उठाएँ,
हर उत्सव पर पौधा लगाएँ।

पौधे हैं जीवन की शान,
इनसे बढ़ता देश का मान।
एक-एक पौधा जब लगाएँ
हरा-भरा संसार बनाएँ।

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर