इंसान आराम चाहता है
आराम मिले तो और कमाना चाहता है
पुराने दिनों के लम्हे चाहता है
दोस्तों की यारी, करीब से जीना चाहता है
खैर चाहने से पूर्ति नहीं
इंसान बेवजह ही दुख-दर्द में जीना चाहता है, जीना चाहता है
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