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वो आये, ना काल के ग्रास में समाये

                
                                                         
                            वो आये, न काल के ग्रास में समाये,
                                                                 
                            
काल को भी जिन्होंने अपना दास बनाया था।
संघर्ष तो जिनका जन्म से भी पहले था,
जिन्होंने जग के हर संताप को मिटाया था।
श्री कृष्ण कहते हैं जिनको सब,
नर रूप में नारायण का अवतारा था।
गीता का ज्ञान दिया, बंशी को बजाया था,
सारथी बने रण में, अर्जुन को जिताया था।
वीरों के वीर, रणछोड़ भी तुम्हीं हो,
तुम्हीं ने तो नया जीवन-दर्शन लाया था।
देखी परिस्थिति विषम, फिर भी न घबराए,
कर्मयोगी थे तुम, जीवन-मार्ग दिखाने आए थे। मेघा रघुवंशी
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2 hours ago

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