दुल्हन बनी पिया मिले
दोनों एक हुए नहीं
बेशक शरीर मिल गया
मिलन कभी हुआ नहीं
प्रकृति अलग अलग
सत्य और छल कपट
टकराव तो बहुत हुआ
जुड़ाव कभी हुआ नहीं
दूध से पानी मिला
दोनों एक हो गए
दोनों ही निर्मल थे यहां
एक रस हो गए
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