इस तिरंगे में कुछ तो खास बात है
भले हो नंगे पाँव और कपड़ों में कई सूराख हैं
फिर भी तिरंगा उसके हाथ है
दिल में जज़्बा चेहरे पर हँसी के साथ है
पेट की भूख से जीत जाते ये वो जज़्बात है
और ऐसा नहीं की रसूखदार के यहाँ कुछ और हालात हैं
उसके ऊँचे से घर पर लहराया तिरंगा उसकी भी क्या बात है
भले आपस में बीच हमारे लाखों फ़साद है।
तिरंगा तो ऊँचा ही रहेगा , इस पर सारे मन एक साथ हैं
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