बड़ी स्याह सी है सड़क ये
चलो इस पर थोड़ा रंग बिखरा दें
इन मायूस मिल के पत्थरों पर
चलो थोड़ी हँसी बना दें
बेरंग से इस माहौल में
मेरी रंगीन जुराबों से कोई गीत गँवा दें
आती रहेंगी जब आनी होंगी मंज़िलें हमारी
तब तक इस सफ़र को ख़ुशी ऊढ़ा दें
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