आज सोचा ख़ुद को थोड़ा रुलायें
इसी भाने भारी मन हल्का कर आयें
चलो चलकर थोड़े आँसू ले आयें
मेरे तो सूख गए , फिर नए कैसे बहायें
या बुलाएँ किसी बीती तस्वीर को
कहें उससे साथ तेरी याद ले आए
इसी बहाने आज फिर से रुकाये
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