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सदमा लगता है

                
                                                         
                            इसी छोर पर तूफानों का मजमा लगता है
                                                                 
                            
घर डूबते हैं लहरों मे तो सदमा लगता है

अफ़सोस उस काफिर से कोई कुछ नही कहता
मेरी ही जुबां पर जाने क्यों फतवा लगता है
-मारूफ आलम
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3 महीने पहले

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