दिल में तेरी याद का, अब भी हसीं संसार है,
इस उजड़ते शहर में बस तेरा ही दीदार है।।
इश्क़ ने सिखला दिया हर दर्द को हँसकर सहूँ,
ज़ख़्म भी अब लग रहा जैसे मेरा कोई उपहार है।।
तेरी आहट से महक उठती हैं साँसों मेरे की गली,
तू नहीं फिर भी तो, फ़िज़ाओं में तेरा विस्तार है।।
रात भर अश्कों ने लिख डाली मोहब्बत की किताब,
आज हर वरक़ पर नाम तेरा, हर सतर इकरार है।।
वक़्त चाहे तो छीन ले मुझसे ख़ुशी के कारवाँ,
दिल की कीमती दौलत वही,तेरे लिए जो प्यार है।।
हमने सदा चाहा भी तुझे,हमने निभाया भी तुझे,
अब वफ़ाओं का तो यही सबसे बड़ा आधार है।।
ये इश्क़ जब रूहों से होकर दिल में उतरने लगे,
फिर न मंदिर,फिर न मस्जिद दिल ही परवरदिगार है।।
कवि एमके सिंह अपनी ग़ज़ल में बस यही पैग़ाम है,
सच्ची मोहब्बत तो हर ज़माने में ख़ुदा का प्यार है।।
- एम के सिंह
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