ये चमन है सभी का, ये समझा करें
तुम भी महका करो,हम भी महका करें।
डालियां जो हरी हैं न काटें कभी
पंछियों से कहें कि वो चहका करें।
मिट्टी की महक जब चली जाएगी
फिर कहना नहीं कि हम क्या करें।
रात में चांद जब भी अधूरा रहे
चांदनी की तरह हम भी चमका करें।
रगों में हवाओं की गंगा बहे
धुओं की गरल को रोका करें।
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