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दर्द ए इश्क

                
                                                         
                            इकरार -विकरार में रखा क्या है?
                                                                 
                            
इज़हार-विजहार में रखा क्या है?
दिल -विल लगाना छोड़ो यारों,
ये प्यार -व्यार में रखा क्या है?

उल्फत की कहानी बेकार है,
बातें ज्यादा रूहानी बेकार है,
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल,
फंस गए तो, पूरी जवानी बेकार है।।

चाहकर भी जब मोहब्बत नहीं मिलती,
जिंदगी को कभी राहत नहीं मिलती,
ज़माने को तो सिर्फ अपना काम करना है,
क़यामत को भी कयामत नहीं मिलती।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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