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ऐसा हमारा जहान हो

                
                                                         
                            प्रेम का सैलाब हो, प्रेम का तूफान हो,
                                                                 
                            
धड़कन में जलजले हों, ऐसा हमारा जहान हो!!

प्रेम ही सृजन हो, प्रेम ही प्रलय हो,
प्रेम की ही सत्ता हो, ऐसा हमारा जहान हो!!

प्रेम ही उपवन हो, प्रेम ही सुमन हो,
प्रेम की सुरभि हो, ऐसा हमारा जहान हो!!

प्रेम ही प्रकृति हो, प्रेम स्वीकृति हो,
प्रेम ही संस्कृति हो, ऐसा हमारा जहान हो!!

प्रेम सुबह सांझ हो, प्रेम मधुर रात हो,
प्रेम की धरती गगन, ऐसा हमारा जहान हो!!

प्रेम पूजन वंदन हो, प्रेम अभिनन्दन हो,
प्रेम अनुरंजन हो, ऐसा हमारा जहान हो!!

ऋतु-मौसम प्रेम हो, ज्योति-तम प्रेम हो,
सुधा- सिंधु प्रेम हो, ऐसा हमारा जहान हो!!
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6 घंटे पहले

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