पैदा हुआ न माँ की खोक, भीड़ उमड़ी और जट-फट रोक।
चलो शुरू कहानी आज, नाम मेरा बेढंगा काज।।
कदम बड़े फिर रोक, भुलाने लगे बेढंगा लोग।
गली और स्कूल की कली, बन बैठा मैं बेढंगा लड़ी।।
उम्र खूच कर कदम जहां, बेढंगा हुआ नाम वहां।
करता क्या मैं कदम नाम, कब्र तक हुआ बेढंगा नाम।।
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