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बादल ज़रा थम के बरस

                
                                                         
                            बादल ज़रा थम के बरस,
                                                                 
                            
मुझे पिया से मिलने जाना है।
भीग गई तो रुक जाएगी राहें,
दिल को उनसे वादा निभाना है।
बादल ज़रा थम के बरस,
मुझे पिया से मिलने जाना है,
साजन की बाहों में जाकर,
अपना हर ग़म भूल जाना है। 

पायल की छन-छन कहती है,
आज मिलन की रात सुहानी है।
महकी-महकी इन साँसों में,
उनकी ही खुशबू पुरानी है।
काजल से लिख दूँ नाम उनका,
हाथों में मेहंदी सजानी है,
दिल की हर धड़कन कहती है,
मुझे पिया से मिलने जाना है।
बादल ज़रा थम के बरस...

रिमझिम बूंदें छेड़ रही हैं,
मन में मीठी सी बेचैनी।
उनकी यादों के झरोखे से,
झाँके सपनों की चाँदनी।
रूठ न जाएँ देर से आकर,
इतनी सी बस घबराहट है,
आज मोहब्बत की राहों में,
संग उनके चले जाना है।
बादल ज़रा थम के बरस,
मुझे पिया से मिलने जाना है। ☔❤️

चुनरी मेरी सर से उड़-उड़ जाए,
प्रीत की डोरी थामे रखना।
जीवन भर के इस बंधन को,
अपने दिल में सदा बसाए रखना।

तुझ बिन सूना हर मौसम है,
तू ही मेरा अफ़साना है,
दुनिया चाहे कुछ भी कह दे,
मुझे पिया का हो जाना है।

बादल ज़रा थम के बरस,
मुझे पिया से मिलने जाना है।
सदियों से जो सपना देखा,
आज उसे सच कर जाना है। ️
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3 महीने पहले

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