उमंग है
स्वच्छंद है
आनंद है
मकरंद है बचपन
उन्मुक्त है
भयमुक्त है
आश्वस्त है
समस्त बचपन
आकार है
आधार है
जीवन का
सार है बचपन।
-मं शर्मा
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