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उलझन थी

                
                                                         
                            उलझन थी जीवन की
                                                                 
                            
सुलझ जाती तो अच्छा था

उपजन थी प्रलोभन की
मुरझा जाती तो अच्छा था

थकन थी उम्र भर की
उतर जाती तो अच्छा था।
-मं शर्मा
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2 महीने पहले

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