कभी ठुकराती है
कभी पास बुलाती है
जिंदगी दुत्कारती है
कभी पहलू में बिठाती है
हँसाती कभी रूलाती है
हराती कभी जीताती है
आजीवन इतराती जिंदगी
अंत में मौत से हार जाती है।
-मं शर्मा
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