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टूट गए एकदिन भ्रम सारे।

                
                                                         
                            मैं हारा कि तुम जीते
                                                                 
                            
हरदम भरम रहे गहराते
तुझमें निष्ठा रही अछूती
टूट गए एकदिन भ्रम सारे।
-मं शर्मा 
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53 minutes ago

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