जन्म से जानी है
अपनी सी मानी है
माँ से सीखी हमने
मातृभाषा हिंदी है
माँ के सिर शोभती
वैसी इसकी बिंदी है
माँ सरीखी भाती
मातृभाषा हिंदी है।
-मं शर्मा
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