दिल में क्या है किसको पता है
बेजुबान शब्दों की लंबी दास्तां है
पते की तलाश में कब से लापता है
पता नहीं क्यों इसको खत कहा है ।
-मं शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X