बिन बात की बात पे
कोमल आघात से
भावनाएँ आहत हुईं
अपनों के व्यवहार से
जीवन की बिसात पे
मोहरों की चाल से
जीत कर भी हार गए
किस्मत के दाँव से ।
-मं शर्मा
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