कर्म कटघरे में खड़ा था
अहम अपनी पे अड़ा था
पाप पुण्य की गवाही में
तकदीरों का फैसला था।
-मं शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X