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झनकने का प्रयास करते हैं।

                
                                                         
                            कभी संवाद करते हैं
                                                                 
                            
कभी खामोशियों में
धुनों से बात करते हैं
घुंघरू बहुत आवाज़ करते हैं

थके हारे से जीवन में
जैसे धड़कती हैं धड़कनें
टूट कर भी ये घुंघरू
झनकने का प्रयास करते हैं।
-मं शर्मा 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 सप्ताह पहले

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