तन आज़ाद है
मन आज़ाद है
आज गगन आज़ाद है
कथन आज़ाद है
जतन आज़ाद है
आज स्वपन आज़ाद है
पतंग आज़ाद है
उड़न आज़ाद है
आज वतन आज़ाद है।
-मं शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X