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तलाशती रह गई

                
                                                         
                            गहन खामोशी थी
                                                                 
                            
कुछ सुनने न दिया
अंतस का कोहराम
कम होने न दिया

कान टकटकी लगाए
मुस्तैद खड़े रहे
खामोशी अपनी आवाज़
तलाशती रह गई ।
-मं शर्मा 
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3 महीने पहले

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