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बिल्ली रानी

                
                                                         
                            बहुत दिनों से थी तमन्ना,
                                                                 
                            
एक नन्ही बिल्ली घर लाऊं।
काली, धवल या चितकबरी,
जी भर उस पर प्यार लुटाऊं।।

गांव- गांव में ढूंढ़ा मैंने,
बिल्ली का बच्चा मिला नहीं।
मोबाइल पर जब खोजा मैंने,
प्यारी पर्शियन मिली वहीं।।

नीली- नीली उसकी आंखें,
मखमल जैसे कोमल बाल।
राजकुमारी जैसी लगती,
उसकी प्यारी मतवाली चाल।।

रोटी- दूध उसे न भाता,
पेडिग्री ही उसे सुहाती।
अपने प्यारे नन्हे घर में,
रानी बनकर वह इठलाती।।

कभी गेंद के पीछे दौड़े,
कभी परछाईं से टकराए।
उसकी शैतानी देख- देख कर,
सबके चेहरे पर मुस्काए।।

धीरे- धीरे कदम बढ़ाकर,
वह मेरी गोदी में आती।
नन्हे- नन्हे कोमल पंजों से,
मन का सारा प्यार जताती।।

म्याऊं- म्याऊं करती जब आती,
घर में खुशियां नई जगाती।
उसकी नन्ही- सी अठखेलियां,
सबके मन को खूब लुभाती।।

 
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2 महीने पहले

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