सावनी भोर...
रिमझिम फुहार
गली दुआर.
घण्टे की नाद..
जीवन में अह्लाद
श्रावण मास.
प्रभु की चाह...
प्रसन्न कांवड़िया
प्रत्येक राह.
नीर ही नीर
प्रफुल्लित शरीर...
प्रथम वर्षा.
स्कूल डगर
वर्षा में जलमग्न...
छात्रों का शोर.
-मनीष कुमार श्रीवास्तव 'प्रकाश श्री'
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