आलीशान घर में रह लो,
चाहे हो झोपड़ी आवास,
सब को जाना जग से एक दिन,
दुनिया एक प्रवास,
कोई नही है गैर, और कोई नही है इसका खास,
ज्यों ज्यों उमर गुजरती जाती, मृत्यु आती पास,
आज ही आज में जीवन है,
कल की नहीं कोई आस,
धन, दौलत से भरा ये जीवन,
मृत्यु का है दास।
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