मालिक की बनाई दुनिया बड़ी खूबसूरत है,
कोई है गोरा तो कोई है काला,
एक और रंग भी है, जिसे कहते है मसाला,
कोई बैठ के बंदगी करता है, कोई हाथ में लिए फिरता है माला,
कोई जाता चर्च तो कोई शिवाला,
लड़ते है लोग फिर किस बात पर, समझ नही पाते
मालिक ने तो सबको दिया समान अवसर, एक जैसा निवाला,
मत भेद हो तो कोई बात नही, मन भेद मत रखना,
नफरती जुबान पर लगा लो एक जैसा ताला।
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