समाज अगर तुममें सच्चाई होती
दुनिया की कितनी भलाई होती
मानव को मानव से प्यार होता
तो कभी न तकरार होती
मानव में मानवता होती तो
मानवता हर घर में हंसती-खेलती
खुशियों की बारिश सर्वत्र होती
खुशियां घर-घर में उछलतीं कूदती
खूबसूरत रंग में रंग जाती दुनिया अगर
प्यार बरसाने की हर दिल की औकात होती।।
-ममता तिवारी
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