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हास्य कविता: मुन्नू ने किया दादी जी श्रृंगार

                
                                                         
                            चुन्नी को हंसाने के लिए
                                                                 
                            
मुन्नू ने किया दादी का श्रृंगार
मम्मी का लिपस्टिक पाउडर
क्रीम आलता लाकर
दादी जी को करने लगा तैयार

फिर बोला,दादी जी
सुंदर सा एक लहंगा पहन
चलिए मेरे साथ बाजार
मम्मी के पर्श से मांगकर
पैसा लाता हूं दो चार हजार

मेरे और मुन्नी के लिए
खरीद दीजिएगा
सुंदर सुंदर खिलौना,मिठाई
और ढेर सारा उपहार

मम्मी जी के लिए
लाया जाएगा चटपटा
आम,नींबू मिर्ची का अचार
खाकर अचार
मम्मी करने लगेंगी
हम सभी को प्यार

पापा जी दादा जी के लिए
लाया जाएगा
टीशर्ट जिंस जोरदार
जल्दी चलिए दादी जी
मुन्नी को भी कर लेता हूं
झटपट तैयार
नहीं तो हो जाएगा बंद बाजार

आज मेरा खूबसूरत दिन है रविवार
नहीं तो करना पड़ेगा
अगले रविवार का इंतजार
जल्दी हो जाइए दादी जी तैयार
आज मस्ती करेंगे हजार।।
-ममता तिवारी
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4 महीने पहले

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