भगवान जाने कब मुकाम आएगा।
सामानों से ज्यादा इंसान सम्मान पाएगा।
न जाने कब ओ मुकाम आएगा।
दौलत से ज्यादा दिल देखा जाएगा।।......
-ममता तिवारी
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