बेटियों से ही जगत में रौनक आती है।
बेटियां बिना ये जगत कहां सुहाती है।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X