नवरात्रियां प्रारम्भ हुईं,
शुभरात्रियां आरम्भ हुईं,
चहुंओर 'जय अम्बे 'की गूँज है,
दुर्गोत्सव की धूम है l
माता की सुन्दर-सुन्दर झाँकियां सज रहीं,
गरबोत्सव की भी धूम मच रही,
माँ के दरबार उमड़ा भक्तों का हुज़ूम है,
दुर्गोत्सव की धूम है l
धन्य हैं माँ आदिशक्ति,
धन्य है उनके भक्तों की भक्ति,
माता के भक्तों पर भक्ति का जूनून है,
दुर्गोत्सव की धूम है l
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