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अलविदा जब उसने लब्ज़ से कहा होगा

                
                                                         
                            अलविदा जब उसने लब्ज़ से कहा होगा,
                                                                 
                            
ना जाने कितनी मौत रूह से मरा होगा ।

वो शमा भी तन्हाई में जली होगी,
जब परवाना फ़ना होने से मरा होगा ।

कसमें खाकर जो बेवफ़ा हुआ होगा,
याद का पन्ना डायरी से फटा होगा ।

गुनाह हमसे ही शायद हुआ होगा,
उसने जो किया तबियत से किया होगा ।

अब इस दर्द को यूँ ही जी लेने दो,
क्या पता मरहम दिल से दिया होगा ।
- माधवी आशरा
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2 घंटे पहले

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