सफलता
मत सोचो ज़िंदगी के बारे में इतना,
ये गहरी बहुत है कहीं खो जाओगे
धूप बहुत काम आएगी कामयाबी के सफर में,
छाँव में चलोगे अगर तो कहीं सो जाओगे
इरादा बना लो ऊंची उड़ान का
कद देखना फ़िज़ूल है आसमान का,
वक़्त बहुत कम है तुम्हारे पास
आम से अगर बनना है खास
अपने अंदर लाओ आत्मविश्वास
बार-बार तुम करो प्रयास
सफलता आके घुटने टेकेगी तुम्हारे पास।
-लोकी
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X