शुभ दीपावली त्यौहार मनेगा ||
ऊँच नीच मकानों पर भी ||
दीपक लोग जलायेंगे ||
जा करके शमशानों में भी ||
जहाँ गरीबी घेर कर बैठी ||
वहा भी लक्ष्मी जायेगी ||
अपने हाथों से सुख समृद्धि ||
मात वहां बरसायेगी ||
सरग पताली छोड़ेंगे बच्चे ||
दगेगी जा आसमानों में ||
दीपक लोग जलायेंगे ||
जा करके शमशानों में भी ||
अन्धकार जग से भागेगा ||
होगा शुद्ध उजाला ||
सुख सुविधा उत्पन्न रहेगी ||
चमन लगेगा प्यारा ||
अमृत बूंदों की वर्षा होगी ||
क्रोध रहेगा म्यानों में ||
दीपक लोग जलायेंगे ||
जा करके शमशानों में भी ||
शम्भू नाथ कैलाशी
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