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शीर्षक: तू बस आगे चल

                
                                                         
                            रुकना तुझको नहीं है अब,
                                                                 
                            
तू बस आगे चलना सीख।
मुश्किल चाहे कितनी आए,
तू हर मुश्किल से लड़ना सीख।
सपना जो तूने देखा है,
उसे सच करके दिखाना है।
बैठ कर रोने से क्या होगा,
तुझे तो अपना नाम बनाना है।
तू खुद अपनी किस्मत लिखेगा,
हाथों की लकीरें बदलनी हैं।
कदमों में झुक जाए आसमां,
तुझे ऐसी उड़ान भरनी है।
आज भले ही अंधेरा है,
कल सुंदर सा सवेरा होगा।
जो आज हँसते हैं तुझ पर,
कल उन सब पर राज तेरा होगा।
- दीक्षा शर्मा
 
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एक घंटा पहले

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