उसकी मुस्कुराहट ने बातों में नर्मी ला दी,
मिली नज़र इस कदर कि आँखों में बेशर्मी ला दी,
और क्या बताऊँ मौसम-ए-हाल,
उसने जुल्फें बिखेरीं, फ़िज़ाओं ने सर्दी ला दी।
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