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फ़र्ज़ थाने बुलावे

                
                                                         
                            वीरों थे उठो तैयार होवो, फर्ज थाने बुलावे हे
                                                                 
                            
मां भारती रा लाड़ला सपूत,इतिहास अठे रचावे हे

अठे सिंह सी हूंकार हे,लहु में घणों उबाळ हे
देश विरोधियों ने देख्या,काळजे उठे झाळ हे

राजपूताना री धरती सू भी,सैना में लाखों जवान
इण धरा रे खातर, वीरों ने तज्या प्राण

पिता शहीद होया ,बेटा सैना में जाणे तैयार अठे
देशप्रेम ने पेला राखे,पछे परिवार री सोचे अठे

ममतामयी आंखें तरस गी ,बेटे ने हिवड़े लगाणे ने
बरस बीत गिया भरतार देख्या,बहना री राखड़ी सुनी हे

म्हारे भारत रा फौजी ,लागे घणा प्यारा
राजस्थान अर हिन्दूस्तान,इण पर गर्व करे जग सारो
-बिदामी कुमावत
 
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3 वर्ष पहले

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