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जिनके मन का रावण मरा नहीं !

                
                                                         
                            वो क्या रावण मारेंगे,
                                                                 
                            
जिनके मन का रावण मरा नहीं !
वो क्या रक्षा कर पाएंगे,
जिसने रक्षा का पाठ पढ़ा नहीं !
बाहर से है जो राम,
वही अंदर से है रावण वंशज !
जिनके मन में नारी सम्मान नहीं,
वही आज बन बैठे हैं जज !
जो सुबह मन्दिर जाता हो,
वह शाम को जाता मधुशाला !
कलयुग के राम से बेहतर है,
वो रावण अब त्रेता वाला !
इंसान नहीं वह पशु समान,
जो नैतिकता से भरा नहीं !
वो क्या रावण मारेंगे,
जिनके मन का रावण मरा नहीं !

- कुमार कृष्णा "मोहन"
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34 मिनट पहले

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