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जल्दी- जल्दी

                
                                                         
                            यहां हर कोई जल्दी में है,
                                                                 
                            
बैंक में, आफिस में,सफर में,
मंदिर में बाजार में ,
चाय की दुकान में ,
घर पहुंचने के चक्कर में,
फोटो सेशन में,
हर जगह एक ही बात,
पहले मैं पहले मैं पहले मैं।
उन्हें नहीं पता,
आखिर जल्दी जल्दी में,
क्या मिलेगा क्या खोएगा,
सफ़र में एक्सीडेंट,
कार्य में गलतियां,
सम्बन्धों में गिरावट,
बीमारियों की आशंका ,
शरीर में जटिलता।
फिर करो ना सुकून भरा काम,
जिओ जिन्दगी जी भर के,
कल रहें ना रहें,
आज ही जीवन जिएं
एक दूसरे को गले लगाएं,
कुछ देर बैठकर गुफ्तगू कर लें।
कुछ देर बैठकर गुफ्तगू कर लें ।।
-कुलदीप शुक्ला
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3 महीने पहले

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