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बेचारा बाप

                
                                                         
                            मैंने तुम्हारे लिए,
                                                                 
                            
क्या कुछ नहीं सहन किया,
तुम्हारे खातिर मैं सबसे लडी।
यह तुम्हारा नालायक बाप,
हमेशा नकारा आवारा ही रहा है,
इसे अपने से ही मतलब रहा है,
हमेशा दूसरी औरतों के पीछे,
जीवन बर्बाद कर दिया।
ऐसे भ्रमित करने वाले वचन,
जब मां अपने बच्चे को सुनाती है,
तब बाप जवाब नहीं दे पाता,
पिता दिन भर बाहर ही रहता है,
ऐसे में बच्चों के खातिर,
उसने क्या नहीं किया,
अपमान सम्मान रोना गाना,
सब कुछ तो बच्चों के लिए ही
सहन करता चला आया है,
किन्तु बच्चों को बताने के लिए,
उसके पास शब्द नहीं होते,
अपने तरीके से समझाता है,
कभी गुस्से में कभी प्यार से,
पर मां की कहानी से ,
कभी आगे नहीं निकल पाता,
वह यूज एण्ड थ्रो बना रहा,
इस उम्मीद से मेरे बच्चे,
खुश रहें सम्पन्न रहें सुखी रहें,
संसार की हर बला दूर ही रहे।
संसार की हर बला दूर ही रहे।।
- कुलदीप शुक्ला
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2 महीने पहले

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