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आस्तीन के सांप

                
                                                         
                            हमारी प्रगति के बाधक,
                                                                 
                            
हर योजना को परियोजना को,
प्रभावित करने वाले,
दुश्मनों के गुप्तचर,
हमारी बरबादी के सौदागर,
एक नहीं अनेक लोग थे।
जब से इन आस्तीन के सांपों को,
खोजने का तरीका आ गया,
तब से काफी सुकून मिल गया।
हमारी केमिकल इंजीनियरिंग से
वह सिर्फ तड़पते हैं।
दूर से ही हमारे बारे में सोंचते हैं।
मालिक की कृपा से,
अधिकांश आस्तीन के सांपों का,
सफाया हो चुका है हो रहा है।
-कुलदीप शुक्ला
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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