दिल हल्का है और रूह मेरी पाक है
दिल हल्का है और रूह मेरी पाक है
ना कोई बोझ है ना कोई हिसाब है
खुद को खुद में ही समेट लिया है हमने
ना मांगा कोई हक है ना मांगा जवाब है
छोड़ दिया हमने तेरी खुशियों के लिए
मत निभा ये रिश्ता जबरदस्ती का
तेरा घर है तू नवाब है अपनी में फैसले का
मेरा तो फर्ज था जो दुनिया ने अनजाने में जोड़ा था
मर्जी तेरी है तू फैसला ले अपने मसाले का
चले जाएंगे बहुत दूर तेरी दरवाजे से ही नहीं
तेरी यादों के माहौल सी भी
इतना मजबूत बना लेंगे खुद को
की सोख लेंगे समुद्र की हिलोरों को भी
तू खुश रहना जिसके साथ रहे
दुआ करते हैं खुदा से यहीं
तेरी बरकत तेरे साथ रहे
खुशी अपने चेहरे पर बनाए रखना
हमें कम से कम इसी बात का तो सुकून रहे
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