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खाने वाले सब खा लेते हैं

                
                                                         
                            खाने वाले सब खा लेते हैं
                                                                 
                            
किसी और के हिस्से का
राशन
खेत-खलिहान
गोदामों में भरे अनाज
सड़क
आवास
बच्चों कि शिक्षा
मरिजों की दवा
गरिब कि आबरु
मंदिर को मिला दान
राहत का सामान
कुछ न मिला तो
अपना गिरेबान।
-कृष्ण कुमार महतो
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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